नरेंद्र सिंह
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
मथुरा।जिंदगी भर नौकरी की, बुढ़ापे के लिए सपने संजोए और अपनी कमाई से जमीन खरीदी। लेकिन कोल इंडिया लिमिटेड में जनरल मैनेजर पद से सेवानिवृत्त सतीश चंद्र आज अपनी ही 400 वर्गगज जमीन के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
सतीश चंद्र का आरोप है कि मथुरा के सराय आजमाबाद स्थित डाकतार कॉलोनी में उनके 400 वर्गगज के प्लॉट की भू-माफिया से जुड़े लोगों ने कथित रूप से अवैध रजिस्ट्री कराकर नक्शे में बदलाव किया और जमीन बेच दी।
मामला तब और गंभीर हो जाता है जब सतीश चंद्र दावा करते हैं कि प्रकरण की जांच में कथित गड़बड़ी से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं होने से जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सतीश चंद्र कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनका वैधानिक प्लॉट उन्हें वापस दिलाया जाए, ताकि वे अपने जीवन के बचे हुए वर्ष सम्मान और सुकून से गुजार सकें।
सवाल सीधा है—यदि जांच हो चुकी है और जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आ चुकी है तो कार्रवाई किसके इंतजार में है? आखिर एक बुजुर्ग रिटायर्ड अधिकारी को अपनी ही जमीन के लिए कब तक भटकना पड़ेगा?

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