रघुबीर सिंह राणा / लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया।
मनाली- पर्यटन नगरी मनाली की खूबसूरत सोलंग वैली (सोलंगनाला) में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को 'प्रथम सोलंग मनाली एक्यूरेसी प्री-वर्ल्ड कप 2026' का औपचारिक और शानदार शुभारंभ हो गया। हिमाचल प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री राजेश धर्माणी ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खुद 10,500 फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग कर आसमान में उड़ान भरी और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में मनाली के विधायक श्री भुवनेश्वर गौड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
🏆 प्रतियोगिता के मुख्य आकर्षण व विशेषताएँ:
- अंतरराष्ट्रीय सहभागिता: FAI (फेडरेशन ऑफ एयरोस्पोर्ट्स इंटरनेशनल) कैटेगरी-2 के इस इवेंट में भारत सहित दुनिया के करीब 6 प्रमुख देशों (जैसे तुर्किये, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, चीन और नेपाल) के 100 से अधिक शीर्ष पायलट हिस्सा ले रहे हैं।
- महिला पायलटों की मजबूत भागीदारी: इस रोमांचक मुकाबले में 8 महिला पैराग्लाइडिंग पायलट भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल है।
- सुरक्षा बलों की मौजूदगी: प्रतियोगिता में भारतीय वायु सेना, थल सेना और विभिन्न अर्धसैनिक बलों की टीमें भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सटीकता (Accuracy) का हुनर दिखाने उतरी हैं।
- आयोजक: इस चार दिवसीय (9 से 12 अक्टूबर 2026) महाकुंभ का आयोजन मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है।
क्या है एक्यूरेसी पैराग्लाइडिंग?
सामान्य पैराग्लाइडिंग से अलग, एक्यूरेसी (Accuracy) प्रतियोगिता में केवल उड़ान भरना ही नहीं, बल्कि हवा के रुख को भाँपते हुए जमीन पर बने निश्चित और सटीक टारगेट (Bullseye) के केंद्र बिंदु पर लैंड करना मुख्य चुनौती होती है। इसमें पायलट के कौशल, हवा के दबाव की समझ और अंतिम सेकंड के नियंत्रण की कड़ी परीक्षा ली जाती है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
प्रशासनिक अधिकारियों—एसडीएम मनाली गुंजीत सिंह चीमा और जिला पर्यटन विकास अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा—की देखरेख में आयोजित इस प्रतियोगिता से हिमाचल प्रदेश के एडवेंचर टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय फलक पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। हिमालय की बर्फीली चोटियों और बादलों के बीच जब रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर उतरेंगे, तो यह नज़ारा सैलानियों के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
यह आयोजन न सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए बल्कि हिमाचल की आर्थिकी और पर्यटन विस्तार के लिहाज से भी एक स्वर्णिम अध्याय साबित होने जा रहा है।

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