प्रिया बिष्ट
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
गुरुग्राम. गुरुग्राम के 'द पाल्म्स क्लब' में छठी गुरुग्राम ENT अपडेट वर्कशॉप आयोजित की गई। इस एकेडमिक प्रोग्राम में 200 से ज़्यादा ENT स्पेशलिस्ट और डेलीगेट्स शामिल हुए, जिसमें सियालेंडोस्कोपी के क्षेत्र में हुई नई प्रगति और प्रैक्टिकल अपडेट्स पर चर्चा की गई।
यह वर्कशॉप ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. रविंदर गेरा, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. भूषण पाटिल और को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सारिका वर्मा के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। एसोसिएशन ऑफ़ ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट्स ऑफ़ इंडिया (AOI), गुरुग्राम का प्रतिनिधित्व प्रेसिडेंट डॉ. राहुल गर्ग और सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत भारद्वाज ने किया। डॉ. अमिताभ मल्लिक ने साइंटिफिक चेयरमैन की भूमिका निभाई।
इस वर्कशॉप के ऑपरेशन मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम में किये गये और लाइव कॉन्फ्रेंस में दिखाया गयाl इससे डेलीगेट्स को 'ऑर्गन-प्रिजर्विंग' (अंग को सुरक्षित रखने वाली) लार ग्रंथि की पथरी (salivary calculi) की सर्जरी को रियल-टाइम में देखने और सर्जरी से जुड़े फैसलों और तकनीकों के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी हासिल करने का मौका मिला।
लाइव सर्जरी करने वाली फैकल्टी में नासिक से डॉ. शिरीष घन, गुरुग्राम से डॉ. पी. पी. सिंह और दिल्ली से डॉ. वरुण राय शामिल थे। लाइव प्रोसीजर बहुत जानकारीपूर्ण थे और इनसे हिस्सा लेने वाले ENT सर्जन्स को आधुनिक सर्जिकल तरीकों और तकनीकों को करीब से देखने का मौका मिला।
मैक्स हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर डॉ. मृदुल कौशिक मुख्य अतिथि थे, जबकि मैक्स के CEO डॉ. संजय मेहता गेस्ट ऑफ़ ऑनर थे।
वर्कशॉप में AOI के कई सीनियर नेशनल पदाधिकारी और नेता भी शामिल हुए। AOI के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. कौशल सेठ और नेशनल सेक्रेटरी डॉ. समीर चौधरी के साथ-साथ AOI के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. द्वैपायन मुखर्जी और डॉ. नंदू कोलवाडकर भी विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर मौजूद थे।
इस एकेडमिक प्रोग्राम ने ENT स्पेशलिस्ट्स को क्लिनिकल अनुभव साझा करने, हालिया विकास पर चर्चा करने और इंटरैक्टिव एकेडमिक सेशन व लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन के ज़रिए अंग को सुरक्षित रखते हुए लार ग्रंथि की पथरी के इलाज के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी को बेहतर बनाने का मंच प्रदान किया। 200 से ज़्यादा प्रतिनिधियों की भागीदारी ने ENT के क्षेत्र में लगातार मेडिकल शिक्षा और मिलकर किए जाने वाले एकेडमिक प्रयासों के बढ़ते महत्व को दिखाया। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी वर्कशॉप, ENT सर्जनों को सर्जरी की नई तकनीकों, सबूतों पर आधारित तरीकों और मरीज़ों की देखभाल में हो रही तरक्की से अपडेट रखने के लिए कितनी ज़रूरी हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें