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आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के मनी लॉन्ड्रिंग के अभियुक्त जेल में या बेल पर, निवेशकों की आखिर ना अभियुक्त सुन रहे न सरकार , आखिर कहाँ जाए यह लगभग बीस लाख निवेशक परिवार



विजय शुक्ल 
लोकल न्यूज ऑफ इंडिया 
दिल्ली।  आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड मनी लॉन्ड्रिग  जैसे आरोपों में घिरी और इसके संचालको को जेल में डाल  दिया गया और अब कुछ बेल पर हैं पर जो भी बेल पर हैं या जेल में हैं उनमे से किसी ने भी जब्त हुई करोडो की सम्पत्तियो को निस्तारित कर निवेशकों को पैसा वापिस करने की मांग क्यों नहीं की यह बड़ा सवाल हैं।  सरकार न्यायिक प्रक्रिया के तहत प्राप्त निर्देशों के तहत अपनी चाल से चल रही हैं और निर्देशकों व् संचालको की अपनी चाल बेल पाने और बेल बचाने की अलग जारी हैं।  सम्पत्तियो की जब्ती के बाद से लेकर अब तक निवेशकों के हित के लिए शायद ही कुछ हुआ हो नतीजा यह हैं कि  निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई की वापसी को लेकर इधर उधर चक्कर काट रहे हैं और सिवाय आश्वासन के अब तक उनकी जेब और खाली ही हुई हैं क्योकि दिल्ली के सियासी गलियारों का पानी भी बीस रूपये का हैं तो परिणाम के चक्कर में उनकी अपनी हालत पर शायद ही कोई सोचे। 

ऐसे कई निवेशक होंगे जिनकी सोच में यह रकम डूबी लगी होगी क्योकि उनको इन सब बातो की कोई जानकारी नहीं होती कि  उनके पैसे का कौन कहाँ क्या इस्तेमाल कर  रहा हैं मात्र इसके की उनके बचत निवेशित पैसे से मिले मुनाफे पर उनकी आने वाली पीढ़ियों और उनकी जरूरते पूरी होगी और अगर एजेंसियों को गलत होने की भनक लगी तो निवेशकों के हितो को पहले ध्यान में क्यों नहीं रखा गया यह भी सवालिया घेरे में हैं।  यह कोई एक राज्य या एक व्यक्ति से जुड़ा मामला होता तो अलग बात थी यह करोड़ लोगो से जुड़ा मामला हैं और उनकी उम्मीदों की लड़ाई कुछ चंद लोग लड़ रहे हैं जिनकी ज्यादा निवेशित राशि यहां फंसी होगी या उनको निवेशको  के दर्द का एहसास होगा।  काश सरकार या पीएम इस मामले को स्वतः संज्ञान लेते तो आज १०८ फ़ीट ऊँची मूर्ति वाले बजरंग बली भी खुश होते और सरकार के प्रति लोगो की निष्ठां और पक्की होती। 

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का जबाब शायद निवेशकों के लिए कुछ यकीन और भरोसा दिलाने में सफल तो रहा पर अब उसको भी इतनी देर हो गयी कि  इनकी आस टूटने लगी हैं कईयों ने तो अपनी साँसे पहले ही छोड़ दी हैं बस अब उम्मीद हैं कि  पीएम मोदी इस पर कोई फैसला जल्द लेकर इन लाखो लोगो को राहत दें। 

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