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डिजिटलाइजेशन के विरोध में शिक्षकों का उमड़ा जन सैलाब

प्रिया बिष्ट 

लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया



प्रयागराज: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति एवं विद्यालयी अभिलेखों को ऑनलाइन किए जाने के निर्देश के विरोध में शिक्षक,शिक्षा मित्र,अनुदेशक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों  ने विशाल धरना प्रदर्शन किया । संयुक्त मोर्चा ने शासन के उक्त निर्देश को तुगलकी फरमान कहते हुए इसके विरोध में माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से सौंपा। शिक्षकों की प्रमुख मांगो में 30 EL, 15 अर्ध अवकाश, राज्य कर्मचारी का दर्जा, पुरानी पेंशन, वेतन विसंगति, ससमय प्रमोशन, (पदोन्नति) रही।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि *"उन्हें शासन के दोहरे मापदंडों से सख्त ऐतराज है"*। शासन स्तर पर पूर्व में दिए जा रहे अवकाश जैसे प्रतिकर अवकाश, उच्च शिक्षा के अवकाश आदि जैसी सुविधाओं को समाप्त कर दिया गया है। जहां एक तरफ शासन स्तर पर शिक्षकों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को समाप्त किया जा रहा है,  वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को शिक्षणेत्तर कार्यों में संलग्न कर उनके  मूल दायित्वों से विरक्त करते हुए उन्हें दोषी ठहराया जा रहा है। सभी शिक्षक निपुण भारत मिशन के तहत पूरी निष्ठा से अपना कार्य कर रहे हैं, उनकी परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए शासन स्तर से ऐसे निर्देश जारी किए जा रहे हैं ।जो उनकी गरिमा के प्रतिकूल है। शिक्षक समाज को समय के साथ आवश्यक डिजिटलाइजेशन से कोई विरोध नहीं है किंतु उन्हें प्रदान किये जा रहे वैधानिक अधिकारों को समाप्त करने से समस्त शिक्षकों ,कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।



 वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि शिक्षकों को पूर्व में दिए जा रहे अधिकारों व विज्ञापन के मांग पत्र में उल्लेखित मांगों को पहले शासन स्तर पर स्वीकृत किया जाए।फिर शिक्षक कर्मचारी सरकार/शासन के डिजिटलाइजेशन संबंधी निर्देशों पर विचार करने को तैयार हैं। यदि शिक्षक शिक्षा मित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा  की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आगामी समय में वृहद स्तर पर 29 जुलाई को महानिदेशक कार्यालय लखनऊ में धरना/ प्रदर्शन होगा।



 आज के इस विशाल शिक्षक कर्मचारी आंदोलन में उपस्थित शिक्षक/शिक्षामित्र/अनुदेशको में विनोद कुमार ,विवेकानंद आर्या, सुदेश पांडे ,शशांक मिश्रा इंद्रेश तिवारी ब्रह्म प्रकाश रवि शंकर मिश्रा आलोक श्रीवास्तव, उमेश शुक्ला ,अवनीश, संगीता सिंह अलका बाजपेई जितेंद्र कुमार ,वसीम अहमद ,अनुरागी, प्रशांत ओझा, अनुरागिनी, अश्वनी त्रिपाठी ,तपन सिंह ,अनुराग पांडेय,आर यादव ,श्री नारायण ,भोलानाथ पांडे, भारतेंदु त्रिपाठी ,दशरथ लाल, राकेश, सुमंत भार्गव, मांधाता ,महेंद्र यादव, पुष्पराज सिंह, दिनेश मिश्रा, बिंदु मौर्य, विजय यादव ,बबीता वर्मा ,संजीव रजक, शारदा शुक्ला अंकित शुक्ला ,,आनंद प्रताप यादव ,अरविंद यादव ,दानिश इमरान ,जितेन शर्मा, ज्योति अरविंद ,अनीता वर्मा ,नीलम सिंह ,अलका वाजपेई ,बिंदु कुशवाहा, इंदु शर्मा आदि हजारों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों ने प्रतिभाग किया।

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